भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच महिला विश्व कप क्वालिफायर के सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। टीम इंडिया का खिताब के लिए सामना अब इंग्लैंड से होगा। सेमीफाइनल का निर्णायक गोल तीसरे क्वार्टर के 40वें मिनट में मनीषा चौहान ने पेनल्टी कॉर्नर पर किया।
भारत ने मैच की शुरुआत जोरदार तरीके से की, लेकिन इटली ने तुरंत जवाब दिया और आक्रामक हमले किए। टीम ने शुरुआती मिनटों में सर्कल में दो मजबूत एंट्री करते हुए दबाव बनाया। हालांकि, इटली ने भी तुरंत पलटवार किया और आक्रामक खेल दिखाते हुए गोल करने के कई अच्छे मौके बनाए। दूसरे क्वार्टर में भारत ने मैच पर पकड़ मजबूत कर ली। मेजबान टीम ने तेज फ्लैंक रन और सामूहिक आक्रमण के जरिए कई अहम सर्कल एंट्री कीं और खेल की रफ्तार अपने पक्ष में कर ली।
18वें मिनट में भारत को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन नवनीत कौर का शॉट इटली की गोलकीपर लूसिया इनेस कारुसो ने रोक दिया। 27वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला जहां टीम ने एक अलग रणनीति अपनाई। इस दौरान गेंद को वापस इंजेक्टर और कप्तान सलीमा टेटे के पास खेला गया, लेकिन उनका शॉट इटली की आखिरी डिफेंडर ने गोल लाइन पर ही रोक दिया जिससे भारत बढ़त लेने से चूक गया। इसके दो मिनट बाद 29वें मिनट में भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इस बार नवनीत का शॉट लक्ष्य से भटक गया।
दूसरे हाफ की शुरुआत में इटली ने जोरदार हमला किया। एमिलिया मुनिटिस गोल की ओर बढ़ीं, लेकिन भारतीय गोलकीपर बिचू देवी खारीबाम ने शानदार बचाव किया। 40वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार टीम ने इसका फायदा उठाते हुए मैच का पहला गोल कर दिया। मनीषा ने बीच से जोरदार ड्रैगफ्लिक लगाया जो इटली के डिफेंस को चीरते हुए सीधे गोल में चला गया।
अंतिम क्वार्टर की शुरुआत में भारत को बढ़त बढ़ाने का मौका मिला जब टीम को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन इटली के मजबूत बचाव ने उन्हें गोल करने से रोक दिया। मैच के आखिरी मिनट में इटली ने बराबरी की कोशिश की और 59वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर भी पाया, लेकिन भारतीय टीम ने शानदार डिफेंस करते हुए गोल नहीं होने दिया और जीत सुनिश्चित की।
वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने स्कॉटलैंड को 2-0 से हराया, जिसमें लोटी बगहैम (25वां मिनट) और ड्रसी बार्न (29वां मिनट) ने गोल दागकर टीम को फाइनल में पहुंचाया।





