धार। मध्य प्रदेश के धार जिले की बाग में फिल्म स्पेशल 26 की तर्ज पर एक बड़ी लूट की वारदात सामने आई है। यहां खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताकर आए बदमाशों ने एक ठेकेदार के घर पर नकली रेड डालकर करीब 82 लाख रुपये कीमत का सोना और नकदी लूट ली। आरोपी महज 15 मिनट में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार घटना गुरुवार सुबह करीब 9:40 बजे बाग के ब्राह्मण मोहल्ला में एमपीईबी विभाग से जुड़े ठेकेदार राजकुमार मालवीय के घर हुई। उस समय घर में राजकुमार मालवीय, उनकी पत्नी कृष्णा मालवीय घर में काम करने वाली महिला मौजूद थीं। तभी बिना नंबर की सफेद स्कॉर्पियो में सवार पांच लोग वहां पहुंचे। इनमें से दो खाकी वर्दी में थे, जबकि तीन लोग सिविल ड्रेस में थे। घर में घुसते ही उन्होंने खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताया।
बदमाशों ने घरवालों से कहा, “उनके खिलाफ ब्लैक मनी रखने की शिकायत मिली है।” इसके बाद उन्होंने घर की तलाशी लेना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद आरोपियों ने अलमारी की चाबियां मांगीं। पहले कृष्णा मालवीय ने चाबियां देने से मना किया, लेकिन जांच में सहयोग के लिए राजकुमार मालवीय ने चाबियां सौंप दीं।
अलमारी खोलने के बाद बदमाशों ने उसमें रखे करीब 50 तोला सोने के जेवर, ढाई से तीन लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन निकाल लिया और उन्हें लेकर फरार हो गए।
15 मिनट में वारदात को दिया अंजाम
आरोपियों ने करीब 15 मिनट के भीतर पूरी घटना को अंजाम दिया और मौके से भाग निकले। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पड़ोसियों को जानकारी दी और पुलिस को सूचना दी। बदमाशों का तरीका पूरी तरह पेशेवर बताया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की थी।
पुलिस और साइबर टीम जांच में जुटी
सूचना मिलते ही बाग थाना प्रभारी कैलाश चौहान पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। बदमाश जिस बिना नंबर की स्कॉर्पियो से आए थे, उसकी तलाश भी की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी एक मोबाइल फोन रास्ते में फेंककर भागे हैं, जिसकी लोकेशन घटबोरी रोड के आसपास बताई जा रही है। मामले की जांच के लिए धार की साइबर टीम को भी बाग भेजा गया है।
वहीं एसपी मयंक अवस्थी के निर्देश पर आसपास के थानों और पड़ोसी जिलों को भी अलर्ट कर दिया गया है। कई जगहों पर नाकेबंदी कर वाहनों की जांच की जा रही है, ताकि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।





