एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. साल 2022 से एयर इंडिया की कमान संभाल रहे विल्सन ने ऐसे समय में कंपनी का साथ छोड़ा है जब वह अपने सबसे खराब वित्तीय दौर और कई चुनौतियों से जूझ रही है. हालांकि, इस्तीफे का कारण न एयर इंडिया ने बताया है और न ही विल्सन ने. जब उन्होंने कमान संभाली थी, तब उम्मीद थी कि वह ‘Vihaan.AI’ नामक पांच वर्षीय ट्रांसफॉर्मेशन प्लान के जरिए एयरलाइन की किस्मत बदल देंगे. लेकिन, यह उम्मीद पूर्ण रूप से पूरी नहीं हुई. वित्त वर्ष 2026 में एयर इंडिया को 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है. यही नहीं जून 2025 में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के बाद भी एयर इंडिया कटघरे में है.
कैंपबेल विल्सन विमानन क्षेत्र के एक मंझे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं. न्यूजीलैंड के कैंटरबरी विश्वविद्यालय से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर ऑफ कॉमर्स करने वाले विल्सन ने अपने करियर के 20 से अधिक साल सिंगापुर एयरलाइंस जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के साथ बिताए. विल्सन की सबसे बड़ी पहचान सिंगापुर एयरलाइंस की लो-कॉस्ट सहयोगी कंपनी ‘स्कूट’ (Scoot) के संस्थापक सीईओ के रूप में रही. टाटा समूह ने सितंबर 2022 में उन्हें एयर इंडिया की कमान सौंपी थी. उनको सरकारी ढर्रे पर चल रही एयरलाइन को निजी क्षेत्र की चुस्ती-फुर्ती और वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने का टास्क दिया गया था.
एक्सप्लेनर: एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन कौन, क्यों दिया इस्तीफा, कैसे कंपनी को संकट में फंसाकर चले गए, इनसाइड स्टोरी
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