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हनी सिंह–बादशाह के गाने पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, ‘Volume 1’ पर लगाया बैन

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने 2 अप्रैल, गुरुवार को मशहूर रैपर्स यो यो हनी सिंह और बादशाह के एक पुराने गाने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट सिंगर्स के 2006 में रिलीज हुए गानों के खिलाफ एक मामले की सुनवाई कर रहा था। गाने को अश्लील और आपत्तिजनक बताते हुए इसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश दिया गया है।

सुनवाई के दौरान जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि इस गाने को सुनकर कोर्ट का जमीर झकझोर गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर ऐसे कंटेंट को उन प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित नहीं किया जा सकता, जहां नाबालिगों की भी पहुंच हो। जज ने अपने चैंबर में गाना सुनने के बाद कहा कि इसमें न तो कोई कलात्मकता है और न ही कोई सामाजिक महत्व, बल्कि यह महिलाओं का अपमान करता है।

कोर्ट ने कहा,
‘कोर्ट ने पाया कि गाना बहुत ही भद्दा, अश्लील और महिलाओं के लिए अपमानजनक है. गाने के बोल न सिर्फ वल्गर और डेरोगेटरी हैं, बल्कि महिलाओं को मजाक और सेक्सुअल संतुष्टि की चीज के तौर पर देखने में अमानवीय और नॉर्मल भी बनाते हैं.’

कोर्ट ने कहा कि यह गाना, जिसे कथित तौर पर रैपर्स ने 2006 में अपने कोलेबोरेशन ‘माफिया मुंडेर’ के तहत रिलीज किया था, सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने अपलोड किया है और इसे लाखों व्यूज मिले हैं।

इस मामले में हिंदू शक्ति दल की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों रैपर्स को नोटिस जारी किया। साथ ही यह निर्देश दिया कि गाने या उसके किसी भी वर्जन को सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाया जाए।

कोर्ट ने कहा,
‘कोर्ट का मानना है कि पब्लिक प्लेटफॉर्म पर, जो नाबालिगों के लिए भी एक्सेसिबल हैं, उस गाने को फैलाने की इजाजत देना, आर्टिस्टिक फ्रीडम और फ्री स्पीच की आड़ में सही नहीं ठहराया जा सकता. यह गाना सिविलिटी के मिनिमम स्टैंडर्ड का पूरी तरह से उल्लंघन है.’

पिटीशनर के वकील ने दलील दी कि भले ही दोनों कलाकार इस गाने से दूरी बनाने की बात कह रहे हैं, लेकिन हनी सिंह ने दिल्ली में एक लाइव शो के दौरान इसके कुछ हिस्से गाए थे, जिससे विवाद और गहरा गया।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कर दिया कि इस तरह का कंटेंट सोशल मीडिया पर बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती और इसे हटाना जरूरी है। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने कहा कि गाने को सोशल मीडिया पर रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती और इसे हटाना होगा। कोर्ट ने केंद्र को पिटीशनर द्वारा दिए गए गाने के किसी भी दूसरे URL को हटाने के लिए जरूरी निर्देश जारी करने का निर्देश दिया।

अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 मई को तय की गई है।

 

 

 

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