छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मछली पकड़ने गए मछुआरों के जाल में अचानक मगरमच्छ फंस गया। शुरुआत में मछुआरों को लगा कि जाल में कोई बड़ी मछली फंस गई है, लेकिन जब जाल बाहर निकाला गया तो सच्चाई देखकर सभी हैरान रह गए।
जानकारी के अनुसार रतनपुर के आठा बीसा तालाब में शुक्रवार सुबह कुछ मछुआरे मछली पकड़ने पहुंचे थे। उन्होंने तालाब में जाल डाला और कुछ देर बाद जब उसे खींचना शुरू किया तो जाल काफी भारी महसूस हुआ। मछुआरों को लगा कि बड़ी मछली फंस गई है, इसलिए वे उत्साह के साथ जाल को बाहर खींचने लगे।
जैसे-जैसे जाल किनारे की ओर आने लगा, वहां मौजूद लोगों की भी उत्सुकता बढ़ गई। देखते ही देखते यह खबर आसपास के गांव में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब के किनारे पहुंच गए। सभी लोग जाल में फंसे जीव को देखने के लिए जमा हो गए।
इसी बीच स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को देखते हुए सावधानी के साथ रेस्क्यू की तैयारी शुरू कर दी।
जब जाल पूरी तरह बाहर निकाला गया तो पता चला कि उसमें मछली नहीं बल्कि करीब सात से आठ फीट लंबा मगरमच्छ फंसा हुआ है। यह देखकर मछुआरों और वहां मौजूद ग्रामीणों के होश उड़ गए।
वन विभाग की टीम ने सावधानीपूर्वक मगरमच्छ को जाल से बाहर निकाला और अपने कब्जे में लेकर उसे सुरक्षित स्थान पर ले गई। इस घटना के बाद इलाके में काफी देर तक लोगों की भीड़ लगी रही।
ग्रामीणों में बढ़ी दहशत
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मगरमच्छ के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी, बाद में उसे उपयुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। इस घटना के बाद आसपास के गांवों में डर का माहौल बन गया है। कई ग्रामीण अब तालाब की ओर जाने से बच रहे हैं, वहीं मछुआरों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।





