रायपुर में होली से पहले ही विधानसभा परिसर में रंग और राजनीति का अनोखा संगम देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पारंपरिक फाग गीत गाते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। माहौल हल्का-फुल्का जरूर रहा, लेकिन संदेश पूरी तरह राजनीतिक था।
भूपेश बघेल ने कवर्धा में धान खराब होने के मामले को अपने गीत का विषय बनाया। उन्होंने चुटीले अंदाज में गाया कि—
‘विष्णु दे दे बुल्लवा मुसवा को, मुसवा बिन घोटाला ना होए विष्णु’।
गीत की इन पंक्तियों के जरिए उन्होंने इशारों-इशारों में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर तंज कसा। यह टिप्पणी कवर्धा में चूहों द्वारा कथित तौर पर करोड़ों रुपये का धान खराब किए जाने की घटना से जुड़ी मानी जा रही है। जैसे ही बघेल ने फाग की धुन छेड़ी, परिसर ठहाकों से गूंज उठा।
भाजपा का पलटवार भी गीत में
बघेल के गीत का जवाब भी उसी अंदाज में आया। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने लोकधुन में जवाबी तंज कसा। उन्होंने गाया—
‘पकड़ागे, धरागे, मुसवा मन रे। पकड़ागे, पकड़ागे, मुसवा मन रे। शराब घोटाला करइया, कोयला घोटाला करइया, कौनों जेल में हे भइया, कौनों बेल में हे भइया, कौनों जिलाबदर। काबर के आगे विष्णु के सुशासन ईहां रे। पकड़ागे, पकड़ागे, मुसवा मन रे।’
भाजपा के इस गीत का आशय था कि, सभी चूहा लोग पकड़ा गए हैं। शराब घोटाला करने वाले, कोयला घोटाला करने वाले कोई जेल में है तो कोई बेल पर हैं। कोई जिलाबदर है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय का सुशासन आ गया है।
होली के रंग से पहले ही छत्तीसगढ़ की राजनीति में फाग के जरिए तकरार तेज हो गई है।





