अयोध्या। राम मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला लगातार जारी है। गुरुवार को परकोटे में स्थित भगवान सूर्य देव के मंदिर के शिखर पर विधि-विधान के साथ ध्वजारोहण किया गया।
जानकारी के अनुसार, इस आयोजन को बेहद शुभ संकेत माना जा रहा है। खासकर इसलिए क्योंकि भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव पर सूर्य तिलक का भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित है।
रामलला के भव्य मंदिर परिसर में आध्यात्मिक गतिविधियां इन दिनों चरम पर हैं। इसी क्रम में आज सूर्य देव मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण का अनुष्ठान संपन्न हुआ, जिसमें अयोध्या के करीब 20 वरिष्ठ साधु-संत शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ यह आयोजन संपन्न हुआ। जिसने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।
मान्यता है कि भगवान सूर्य देव, भगवान श्रीराम के कुल के पूर्वज हैं, ऐसे में सूर्य मंदिर पर ध्वजारोहण का विशेष धार्मिक महत्व है।
राम मंदिर ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने बताया कि मंदिर परिसर में कुल आठ शिखर हैं. जिनमें से अब तक मुख्य मंदिर, माता अन्नपूर्णा मंदिर और अब सूर्य मंदिर के शिखरों पर ध्वजारोहण पूरा हो चुका है।
गौरतलब है कि 25 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण कर मंदिर की पूर्णता का संदेश दिया था, वहीं 31 दिसंबर को प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया था।
परिसर के परकोटे में शिव, गणेश, हनुमान, दुर्गा और सूर्य समेत कई देवी-देवताओं के मंदिर स्थित हैं। जहां चरणबद्ध तरीके से धार्मिक अनुष्ठान जारी हैं। कल रामनवमी के अवसर पर सूर्य तिलक का विशेष आयोजन होना है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।





