रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों के लिए कई अहम घोषणाएं की गईं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हड़ताल अवधि के दौरान रुके वेतन के भुगतान का ऐलान किया, जबकि स्वास्थ्य मंत्री ने कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की।
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए ग्रेड पे से जुड़े मामलों के लिए एक समिति का गठन किया गया है। इसके अलावा कार्य मूल्यांकन प्रक्रिया में दावा-आपत्ति का प्रावधान भी जोड़ा गया है, ताकि कर्मचारियों को अपनी बात रखने का अवसर मिल सके।
मंत्री ने 27 प्रतिशत लंबित वेतन वृद्धि लागू करने की घोषणा की। साथ ही कर्मचारियों को 30 दिन का मेडिकल अवकाश देने और ट्रांसफर नीति लागू करने की भी जानकारी दी। उनका कहना था कि इससे कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही कई समस्याओं का समाधान होगा।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्रदेश के सभी एनएचएम कर्मचारियों को बीमा सुरक्षा प्रदान की गई है। किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 1 करोड़ 40 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। वहीं बच्चों की शिक्षा के लिए 5-5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा, “आप लोग विषम परिस्थितियों में भी काम करते हैं। कोरोना महामारी के दौरान आप लोगों की सेवा को कोई नहीं भूल सकता।” उन्होंने आगे कहा, “जब बस्तर में नक्सलियों का कब्जा था तो वहां कोई नहीं जा सकते थे। अब बस्तर नक्सल मुक्त हुआ है, वहां स्वास्थ्य को लेकर तेजी से काम हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने आप लोगों की सारी मांगे पूरी की है। सरकार आप लोगों के साथ खड़ी है।”
महासम्मेलन में मौजूद कर्मचारियों ने सरकार की घोषणाओं का स्वागत किया और इसे उनके हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया।





