मानसून ने आखिरकार केरल में दस्तक दे दी है। इसके प्रभाव से केरल के साथ-साथ तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के कुछ अन्य हिस्सों तक आगे बढ़ सकता है। पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी मानसून की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं।
इस वर्ष मानसून सामान्य समय से तीन दिन देरी से केरल पहुंचा है। आमतौर पर इसकी शुरुआत 1 जून के आसपास होती है। इसके बाद करीब डेढ़ महीने में मानसून पूरे देश को कवर कर लेता है। वहीं, 17 सितंबर के आसपास राजस्थान के रास्ते वापसी शुरू करता है और 15 अक्टूबर तक पूरा हो जाता है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में यह सातवीं बार है जब मानसून तय समय से देर से केरल पहुंचा है। बीते 150 वर्षों के रिकॉर्ड बताते हैं कि 1918 में मानसून सबसे पहले 11 मई को केरल पहुंचा था, जबकि 1972 में सबसे अधिक देरी से 18 जून को इसकी एंट्री हुई थी।
मानसून की प्रगति के साथ मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत देश के 24 राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।





