अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते वाकयुद्ध और तल्ख बयानों ने कच्चे तेल के बाजार का मूड पूरी तरह बिगाड़ दिया है. दोनों देशों के बीच जारी कड़वाहट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 3 फीसदी से भी ज्यादा का उछाल आया है. इस तेजी के बाद वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड $110 प्रति बैरल के बेहद करीब पहुंच गया है.
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $3.54 यानी 3.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ $109.26 प्रति बैरल पर पहुंच गया. दूसरी ओर, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) फ्यूचर्स भी $4.25 यानी 4.2 प्रतिशत की छलांग लगाकर $105.42 डॉलर प्रति बैरल हो गया. इस हफ्ते ब्रेंट में 7.84 प्रतिशत और WTI में 10.48 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है.
इस ताजा उबाल की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के हालिया तीखे बयान हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ईरान को अमेरिका पर कोई भरोसा नहीं है और वे बातचीत की मेज पर तभी आएंगे जब वाशिंगटन अपनी तरफ से गंभीरता दिखाएगा.
अराघची ने अमेरिका को चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि ईरान दोबारा संघर्ष के लिए भी पूरी तरह तैयार है और कूटनीतिक समाधान के लिए भी. ईरान के इस ‘आर-पार’ वाले तेवर ने कच्चे तेल के बाजार में आग लगा दी है.
होर्मुज खुलने की संभावना कमजोर
इन बयानों के बाद इस बात की उम्मीदें बेहद कमजोर हो गई हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास व्यापारिक जहाजों पर होने वाले हमलों और कब्जों को रोकने के लिए कोई शांति समझौता हो पाएगा. दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई रूट पर गतिरोध जारी रहने की आशंका से निवेशक डरे हुए हैं.
बाजार के जानकारों का मानना है कि अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक रास्ते बंद होने से संकट लंबा खिंच सकता है. हालांकि कागजों पर युद्धविराम अभी कायम है, लेकिन जिस होर्मुज जलडमरूमध्य के जल्द दोबारा खुलने की उम्मीद बाजार कर रहा था, वे उम्मीदें अब लगभग खत्म हो चुकी हैं.




