अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से पेश किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका ईरान के अंदर किसी भी यूरेनियम संवर्धन को अस्वीकार करता है, और ट्रंप ने तेहरान द्वारा प्रस्तुत “इच्छा सूची” पर सहमति नहीं जताई थी। उन्होंने बताया कि 10-सूत्रीय प्रस्ताव ईरान द्वारा प्रकाशित प्रस्ताव से भिन्न है।
प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंक दिया
लेविट ने कहा, “ईरान की ओर से पेश किया गया 10 सूत्रीय प्रस्ताव मूलरूप से बेपरवाह, अस्वीकार्य और पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है। इसे राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी समझौता करने वाली टीम ने कूड़ेदान में फेंक दिया था। मीडिया में कहा जा रहा है कि उस प्रस्ताव को अमेरिका ने स्वीकार कर लिया है, जो पूरी तरह गलत और झूठ है.”
उन्होंने कहा कि ट्रंप ईरान की इच्छाओं को समझौते के रूप में कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
इस्लामाबाद में होगी अहम बैठक
लेविट ने बताया युद्धविराम को लेकर शनिवार को पहले दौर की वार्ता इस्लामाबाद में होगी। बैठक में अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेन्स, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर करेंगे।
ईरान की ओर से विशेष प्रतिनिधिमंडल भी पाकिस्तान के लिए आज रात को रवाना होगा। इसकी पुष्टि पाकिस्तान में ईरान के राजदूत ने की है।
वार्ता के भविष्य पर संदेह
बता दें कि ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने वार्ता के भविष्य पर संदेह जताया है।





