अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से एलपीजी सप्लाई बाधित हुई है. इसी वजह से सरकार ने कुछ दिन पहले घरेलू गैस सिलेंडर और कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी की थी. अब चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एलपीजी और पीएनजी को टैक्स-फ्री करने की मांग की है. सीटीआई का कहना है कि टैक्स हटने से गैस सस्ती हो जाएगी और आम आदमी को राहत मिलेगी. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एलपीजी और पीएनजी पर कितना टैक्स लगता है और अगर यह हटता है तो इनके दाम कितने कम हो जाएंगे.
एलपीजी जीएसटी के दायरे में है, जबकि पीएनजी इससे बाहर है. घरेलू LPG सिलेंडर पर अभी 5% जीएसटी लगाया जाता है. वहीं होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों जैसे व्यवसायों में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडर पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूला जाता है. पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) अभी GST के दायरे से बाहर है, जिसके कारण राज्य सरकारें इस पर वैट (VAT) वसूलती हैं. अलग-अलग राज्यों में यह दर 3% से लेकर 14.5% तक है. उदाहरण के तौर पर, दिल्ली में PNG पर वर्तमान में 5% वैट लागू है. CTI की मांग है कि इस वैट को पूरी तरह समाप्त कर देना चाहिए ताकि पाइप से आने वाली गैस आम जनता के लिए सस्ती हो सके.
एलपीजी सिलेंडर पर लगता है कितना टैक्स, हट जाए तो मिलेगी कितनी राहत
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