देश में करीब 15 साल बाद एक अप्रैल से जनगणना-2027 की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. इससे पहले 2011 में देश में जनगणना हुई थी. आमतौर पर देश में हर 10 साल पर जनगणना कराने की परंपरा रही है लेकिन 2020-2021 में कोरोना महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया था. उसके बाद जनगणना में जाति के मसले को शामिल करने पर विवाद के कारण इसमें देरी हुई. अब इस बार की जनगणना में जाति को भी शामिल किया गया है. पूरी प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी. अंतिम रिपोर्ट 2027 में जारी होगी. इस कारण इसे जनगणना-2027 कहा जा रहा है. आइए 10 प्वाइंट्स में जानते हैं इस बार की जनगणना की पूरी बातें.
जनगणना 2027 का पहला चरण आज से शुरू: भारत सरकार ने जनगणना-2027 के पहले चरण- मकान सूचीकरण और आवास गणना (HLO) – को 1 अप्रैल 2026 से शुरू कर दिया है. यह चरण 30 सितंबर 2026 तक चलेगा. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अनुसार अलग-अलग तारीखों पर घर-घर सर्वे होगा.
33 प्रश्नों का सेट जारी: रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि इस चरण में जनगणनाकर्मी कुल 33 सवाल पूछेंगे. इनमें भवन संख्या, जनगणना गृह संख्या, फर्श-दीवार-छत की निर्माण सामग्री, मकान का उपयोग और स्थिति जैसी जानकारी शामिल है.
घर और परिवार की बुनियादी जानकारी: गणनाकर्मी परिवार में रहने वाले कुल सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम और लिंग, मुखिया की जाति (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य), मकान का मालिकाना हक, रहने वाले कमरों की संख्या और घर में विवाहित जोड़ों की संख्या दर्ज करेंगे.
सुविधाओं का पूरा एक्स-रे: प्रश्नों में पीने के पानी का मुख्य स्रोत, प्रकाश का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता और प्रकार, अपशिष्ट जल निकासी, स्नान और रसोई की सुविधाएं, LPG/PNG कनेक्शन और खाना पकाने का मुख्य ईंधन शामिल हैं. इससे देश की बुनियादी सुविधाओं की सही तस्वीर उभरेगी.
संपत्ति और डिजिटल स्वामित्व: गणना में रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्टफोन, साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, कार/जीप/वैन जैसी वस्तुओं के स्वामित्व के बारे में भी पूछा जाएगा. मुख्य रूप से खाए जाने वाले अनाज और जनगणना संपर्क के लिए मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा.
स्व-गणना का नया विकल्प: नागरिक 16 भाषाओं में ऑनलाइन पोर्टल पर स्व-गणना कर सकते हैं. स्व-गणना 15 दिनों की अवधि में उपलब्ध रहेगी, जो फील्ड सर्वे से पहले शुरू होगी. उदाहरण के लिए, दिल्ली के NDMC और छावनी क्षेत्र में स्व-गणना 1 से 15 अप्रैल तक चलेगी.
स्व-गणना कैसे करें: परिवार का मुखिया या कोई सदस्य आधिकारिक पोर्टल पर मोबाइल नंबर से रजिस्टर कर सकता है. जिला चुनकर मानचित्र पर घर का स्थान चिह्नित कर जानकारी भरनी होगी. 16 अंकों की यूनिक स्व-गणना आईडी जनरेट होगी, जिसे फील्ड विजिट के दौरान गणनाकर्मी को दिखाना जरूरी है.
समय की बचत और सुधार का मौका: स्व-गणना से काफी समय बचेगा. फील्ड विजिट के दौरान नागरिक अपनी दी गई जानकारी में सुधार भी कर सकेंगे. यह पहला डिजिटल जनगणना होगा, जिसमें मोबाइल ऐप का भी इस्तेमाल होगा.
डेटा की गोपनीयता की गारंटी: अधिकारी ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा. इसे अदालतों में सबूत के रूप में या किसी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. सिर्फ कुल आंकड़ों के लिए डेटा का उपयोग होगा.
दूसरे चरण में जाति गणना: इस पहले चरण में मकान और सुविधाओं पर फोकस है. जाति की गिनती दूसरे चरण (जनसंख्या गणना) में की जाएगी. पूरे जनगणना अभियान के बाद 2027 में डेटा उपलब्ध होने की उम्मीद है.




