छत्तीसगढ़

डोनाल्ड ट्रंप बिना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोले ही अगर खत्म कर दें ईरान युद्ध, तो तेल बाजार पर क्या असर होगा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ चल रहे युद्ध को जल्दी खत्म करना चाहते हैं. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलना अब जीत के लिए जरूरी नहीं है. यह बदलाव ग्लोबल ऑयल मार्केट के लिए बहुत अहम है. दुनिया का लगभग 20% तेल (लगभग 2 करोड़ बैरल रोजाना) इसी मार्ग से गुजरता है. सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत और यूएई जैसे देशों का ज्यादातर तेल इसी रास्ते से एशिया (खासकर चीन, भारत, जापान और कोरिया) पहुंचता है.

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर्स का गुजरना बहुत कम हो गया है. सामान्य रूप से रोजाना 150-160 जहाज गुजरते थे, लेकिन अब ये लगभग बंद हो गया है. इससे दुनियाभर में तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है. युद्ध शुरू होने के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें पहले $70-80 प्रति बैरल से बढ़कर $100-110 के आसपास पहुंच गई थीं. कुछ समय में $126 तक भी गईं. इससे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ी हैं, जिससे आम लोगों पर बोझ बढ़ा है. कल 30 मार्च को क्रूड ऑयल की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी. अब एक बड़ा सवाल ये है कि अगर ट्रंप युद्ध खत्म कर दें लेकिन होर्मुज न खुले तो क्या होगा?

तेल की आपूर्ति में समस्या बनी रहेगी

होर्मुज पूरी तरह न खुलने पर खाड़ी देशों का तेल बाहर नहीं निकल पाएगा. ऑप्शनल रास्ते (जैसे पाइपलाइन) बहुत कम कैपेसिटी के हैं. इससे दुनिया में तेल की कमी बनी रह सकती है. एशियाई देश सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे क्योंकि वे 80-85% तेल इसी रास्ते से आयात करते हैं.

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