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राजस्थान के बाड़मेर में क्रूड ऑयल का फव्वारा, 50 टैंकर भरने के बाद भी जारी रिसाव; किसान की 1 बीघा जमीन बर्बाद

राजस्थान के बाड़मेर जिले में रिफाइनरी परियोजना को लेकर जहां 2026 में उसके शुरू होने की चर्चा तेज है, वहीं इसी बीच जिले के कवास क्षेत्र से चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां ऑयल फील्ड के वेलपैड नंबर-8 के पास एक किसान के खेत में बीते तीन दिनों से लगातार क्रूड ऑयल का रिसाव हो रहा है। हालात यह हैं कि खेत का बड़ा हिस्सा तेल से भर गया है और स्थिति अभी तक पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी है।

जानकारी के मुताबिक 23 फरवरी, सोमवार दोपहर करीब 12 बजे किसान हरजीराम खोथ के खेत में अचानक जमीन से क्रूड ऑयल निकलना शुरू हो गया। कुछ ही समय में खेत का एक हिस्सा तेल से लबालब हो गया। सूचना मिलते ही तेल कंपनी के इंजीनियर और तकनीकी दल मौके पर पहुंचे और रिसाव को नियंत्रित करने की कोशिशें शुरू कीं।

तेल के फैलाव को रोकने के लिए करीब 100 मीटर लंबी खाई खोदी गई, ताकि बहता हुआ तेल एक निर्धारित गड्ढे में इकट्ठा किया जा सके। इसके बाद वैक्यूम पंप की मदद से तेल को टैंकरों में भरा जा रहा है। तीसरे दिन की शाम तक 50 से अधिक टैंकरों में क्रूड ऑयल भरा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद जमीन से तेल का रिसाव थमा नहीं है।

कंपनी का कहना है कि ऑयल फील्ड से जुड़ी सभी पाइपलाइनों को एहतियातन बंद कर दिया गया है और आसपास के इलाकों में उत्पादन व प्रवाह रोक दिया गया है। बावजूद इसके रिसाव जारी रहने से कारणों को लेकर संशय बना हुआ है। तकनीकी और ऑपरेशनल टीमें मिलकर लीकेज के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं, हालांकि अभी तक स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है।

इधर प्रभावित किसान हरजीराम खोथ का कहना है कि उनकी करीब एक बीघा जमीन पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। फसल नष्ट हो गई है और मिट्टी में तेल समा जाने से भविष्य में खेती करना भी मुश्किल हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी तेल कंपनियों की गतिविधियों से आसपास के मकानों और पानी के टांकों को नुकसान पहुंचा है। किसान ने कंपनी से उचित मुआवजे की मांग की है।

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