देश में हर दिन सुबह 6 बजे तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल और डीजल की ताजा कीमतें अपडेट करती हैं। ईंधन के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर-रुपए की विनिमय दर और सरकारी टैक्स के आधार पर तय होते हैं। इन बदलावों का असर सीधे आम लोगों की जेब और परिवहन लागत पर पड़ता है।
प्रमुख शहरों में आज के दाम (23 फरवरी 2026)
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹94.72 | डीजल ₹87.62
मुंबई: पेट्रोल ₹104.21 | डीजल ₹92.15
कोलकाता: पेट्रोल ₹103.94 | डीजल ₹90.76
चेन्नई: पेट्रोल ₹100.75 | डीजल ₹92.34
अहमदाबाद: पेट्रोल ₹94.49 | डीजल ₹90.17
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92 | डीजल ₹89.02
हैदराबाद: पेट्रोल ₹107.46 | डीजल ₹95.70
जयपुर: पेट्रोल ₹104.72 | डीजल ₹90.21
लखनऊ: पेट्रोल ₹94.69 | डीजल ₹87.80
पुणे: पेट्रोल ₹104.04 | डीजल ₹90.57
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹94.30 | डीजल ₹82.45
इंदौर: पेट्रोल ₹106.48 | डीजल ₹91.88
पटना: पेट्रोल ₹105.58 | डीजल ₹93.80
सूरत: पेट्रोल ₹95.00 | डीजल ₹89.00
नासिक: पेट्रोल ₹95.50 | डीजल ₹89.50
पिछले दो साल से कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर क्यों?
मई 2022 में केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।
किन वजहों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?
1. कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें
पेट्रोल और डीजल कच्चे तेल से बनते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने या घटने का सीधा असर भारत में दिखता है।
2. डॉलर के मुकाबले रुपया
भारत अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। अगर रुपया कमजोर होता है, तो आयात महंगा पड़ता है और ईंधन के दाम बढ़ सकते हैं।
3. सरकारी टैक्स और शुल्क
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।
4. रिफाइनिंग लागत
कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
5. मांग और आपूर्ति
त्योहारों या मौसम के अनुसार खपत बढ़ने पर कीमतों में बदलाव संभव है।





