Blog

‘जरूरी नहीं कि खालिस्‍तानियों के मुद्दे एक जैसे हों…’, अमेरिका और कनाडा की जांच पर बोले जयशंकर

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को अमेरिका और कनाडा के अलग-अलग आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘यह जरूरी नहीं है कि दोनों मुद्दे एक जैसे हों.’ दरअसल यह आरोप अमेरिका में खालिस्‍तानी समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्‍या की साजिश संबंधी है. सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता हासिल कर चुका है. उसने ‘सिख फ़ॉर जस्टिस’ संस्‍था बनाई है और भारत में कई आतंकी गतिविधियों के कारण उसे 1 जुलाई 2020 को संशोधित UAPA कानून के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां हम बहुत… हम जो करते हैं उसमें जिम्मेदार, बहुत विवेकपूर्ण हैं. जयशंकर ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, ‘मुद्दा यह था कि जब अमेरिकियों ने कुछ मुद्दे उठाए और जरूरी नहीं कि दोनों मुद्दे एक जैसे हों. जब उन्होंने वह मुद्दा उठाया, तो अमेरिकियों ने हमें कुछ विशिष्ट बातें बताईं हैं. इससे पहले अमेरिकी न्याय विभाग ने आरोप लगाया था कि गुरपतवंत सिंह पन्नू जो अमेरिका और कनाडा के दोहरे नागरिक हैं; जो कथित तौर पर भारत की साजिश का निशाना थे.

‘भाड़े के बदले हत्या’ की साजिश का मामला दर्ज
अमेरिका ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता के खिलाफ ‘भाड़े के बदले हत्या’ की साजिश का मामला दर्ज किया है. इसमें दोषी पाए जाने पर उसे अधिकतम 20 साल की सजा हो सकती है. इस मामले में भारत सरकार ने सभी प्रासंगिक पहलुओं की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया था. इससे पहले सितंबर में, कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ‘संभावित’ भागीदारी के बारे में आरोप लगाए थे.

आतंकी निज्‍जर की हत्‍या के आरोपों को भारत ने किया था खारिज
दरअसल निज्जर, प्रतिबंधित खालिस्तान टाइगर फोर्स का प्रमुख और भारत के मोस्‍ट वांटेड आतंकवादियों में से एक था, जो कि जून में मारा गया था. आरोपों को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताते हुए भारत ने कहा कि कनाडा को सबूत साझा करना चाहिए- ओटावा के अनुरोध को अब तक अस्वीकार कर दिया गया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने समाचार एजेंसी को बताया कि ‘अंतरराष्ट्रीय संबंधों में समय-समय पर जो होता है, ऐसी चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं. इसलिए, हमने बहुत ईमानदारी से कनाडाई लोगों से कहा है कि देखिए, यह आप पर निर्भर है. मेरा मतलब आपकी पसंद से है कि आप चाहते हैं कि हम इसे आगे बढ़ाएँ, इस पर आगे विचार करें या नहीं.’

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts