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भारत से ‘दुश्‍मनी’ मोल लेकर अब क्‍या चाहता है कनाडा? वाइब्रेंट गुजरात समिट में डिप्‍लोमैट ने बांटा ज्ञान

भारत में कनाडा के उच्चायुक्त कैमरन मैके ने गुरुवार को कहा कि हालिया तनाव के बावजूद, भारत और कनाडा के रणनीतिक हित “बिल्कुल सही दिशा” में हैं और उन्हें द्विपक्षीय व्यापार व निवेश संबंधों की निरंतरता से प्रोत्साहन मिला है. यहां ‘वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन’ में ‘भारत-कनाडा व्यापार: आगे का रास्ता’ विषय पर एक संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि निवेशकों की यह वार्षिक सभा “हमारे कारोबारी स्तर पर और लोगों से लोगों के बीच संबंधों को फिर से स्थापित करने का एक शानदार मंच है.”

पिछले साल कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के अपने देश में खालिस्तानी अलगाववादी और नामित आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की संदिग्ध भूमिका के आरोप के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में कुछ कड़वाहट देखी गई थी. भारत ने इस आरोप को बेतुका बताया था. मैके ने कहा, “पिछले महीनों में हमारे दोनों देशों के बीच कुछ तनाव का समय रहा है. यह किसी से छिपा नहीं है. लेकिन मैं यहां और बाहर मौजूद कारोबारी समुदाय के नेतृत्व और दृष्टिकोण से व्यापार और निवेश संबंधों को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित हूं जो हमारे दोनों देशों के हित में है.”

‘सरकार को कूटनीति करने दें’
उन्होंने कहा कि कारोबारी संबंध रोजगार सृजन, प्रौद्योगिकी साझेदारी और दोनों देशों की समृद्धि का समर्थन करेंगे. उच्चायुक्त ने कहा, “मेरी सरकार और भारतीय सरकार तथा दोनों पक्षों के व्यापारिक समुदाय को मेरी सलाह है कि सरकारें जो कर रही हैं उन्हें करने दें, सरकार को कूटनीति करने दें, लेकिन हर कोई जानता है कि दीर्घावधि में, कनाडा का रणनीतिक हित और भारत का रणनीतिक हित एक सीध में है. इस बीच आइए व्यापारिक स्तर पर संबंध बनाएं. हमें अपने व्यापार और देशों को फिर से मित्रवत बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए.”

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