छत्तीसगढ़

घुटनों पर पाकिस्तान, बदली दुनिया की भाषा! भारत ही अब भाग्य विधाता

गिरिराज शर्मा

यह कोई नारा नहीं है, यह अब सच्चाई बन चुकी है। ऑपरेशन सिंदूर ने वो कर दिखाया है जो दशकों में संभव नहीं हुआ। केवल 48 घंटे में भारत ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया। जो देश खुद को परमाणु ताकत कहता था, आज वो दुनिया भर में मदद की भीख मांग रहा है। IMF, वर्ल्ड बैंक से लेकर इस्लामिक देशों तक, हर जगह से उसे ठुकराया जा रहा है। क्यों? क्योंकि भारत ने दिखा दिया कि अब वह न झेलेगा, न झुकेगा – सिर्फ जवाब देगा, वो भी ऐसा कि दुश्मन याद रखे।

अब कोई भारत को हल्के में नहीं ले सकता
ये बात अब न सिर्फ पाकिस्तान को, बल्कि पूरी दुनिया को समझ आ गई है। भारत ने सैन्य स्तर पर जो सटीकता दिखाई, जो आत्मविश्वास दिखाया और जो रणनीतिक कौशल दिखाया – वह केवल एक उभरती शक्ति की पहचान नहीं है, यह एक स्थापित वैश्विक ताक़त (Established Global Power) की मुहर है।

सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, पूरा दक्षिण एशिया अब भारत के आगे नतमस्तक है
बांग्लादेश, जो हाल के दिनों में पाकिस्तान की भाषा बोलने लगा था, अब अपनी लय बदल रहा है। नेपाल, श्रीलंका, मालदीव – सभी अब भारत की ओर देख रहे हैं, लेकिन इस बार डर और सम्मान दोनों के साथ। भारत अब सिर्फ बड़ा देश नहीं, अब वह निर्णायक देश है। जो दिशा तय करता है, वही दिशा बनती है।

भारत ने एक और युद्ध जीत लिया – छवि का युद्ध
अब भारत की पहचान सिर्फ IT और स्पेस ताकत तक सीमित नहीं। अब भारत एक ऐसी शक्ति बन गया है जो आतंकवाद को जड़ से खत्म करने में सक्षम है। जो सीमा पार घुसकर भी दुश्मन के अड्डों को तबाह कर सकता है। अब कोई भारत की सीमा पर आंख उठाकर नहीं देख सकता। ऑपरेशन सिंदूर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

नई दिल्ली अब सिर्फ एक राजधानी नहीं, शक्ति का प्रतीक बन चुकी है
हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की आवाज़ पहले से तेज़ और असरदार हो चुकी है। UNSC से लेकर G20 तक, हर जगह भारत की भूमिका अहम हो चुकी है। और अब जब भारत ने दिखाया है कि वह ज़रूरत पड़ने पर सैन्य ताकत भी दिखा सकता है, तब दुनिया का नजरिया पूरी तरह बदल गया है।

भारत अब सिर्फ जवाब नहीं देता, अब वह दिशा भी तय करता है
अब कोई FATF में पाकिस्तान को क्लीन चिट नहीं दिलवा सकता, अब कोई भारत को रोक नहीं सकता। अमेरिका, रूस, फ्रांस – सभी भारत के साथ खड़े हैं। क्यों? क्योंकि भारत अब एक ऐसा देश बन चुका है जो न केवल अपने हितों की रक्षा करता है, बल्कि वैश्विक संतुलन को भी प्रभावित करता है।

सिद्ध शक्ति का मतलब सिर्फ ताकत नहीं, सोच और आत्मबल भी होता है
भारत ने दुनिया को दिखा दिया कि बिना किसी आक्रामक नीति के, केवल राष्ट्रहित और आत्मसम्मान के बल पर भी शक्तिशाली बना जा सकता है। और अगर कोई हमें ललकारेगा, तो फिर जवाब भी मिलेगा – वो भी ऐसा कि अगली पीढ़ियां याद रखें।

आज हर भारतीय को गर्व होना चाहिए – ये वही भारत है जिसकी कल्पना भगत सिंह, नेताजी और पटेल ने की थी। एक ताकतवर, निर्भीक और आत्मनिर्भर भारत।

अब भारत को कोई रोक नहीं सकता।
भारत अब सिर्फ एक बढ़ती हुई शक्ति नहीं है — यह अब एक सिद्ध शक्ति है।
जय हिंद!

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