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क्या होती है मुहूर्त ट्रेडिंग, क्यों होता है इसका महत्व, क्या आपको करनी चाहिए?

दीपावली के दिन शेयर बाजार बंद रहता है. दीपावली ऐसा दिन होता है जब लक्ष्मी की पूजा की जाती है. लक्ष्मी की पूजा वाले दिन लक्ष्मी के स्रोत को पूरी तरह से बंद करना ठीक नहीं होता है. इसलिए उस दिन कुछ देर के लिए ट्रेडिंग की जाती है. इसे मुहूर्त ट्रेडिंग कहते हैं. इसे शाम को 1 घंटे के लिए किया जाता है. इसकी टाइमिंग पहले ही बता दी जाती है. परंपरा के तहत इस बार भी मुहूर्त ट्रेडिंग की जाएगी.

यह 12 नवंबर रविवार को शाम 6 बजे से सवा 7 बजे तक चलेगी. दरअसल, 6 से सवा 6 बजे तक प्री-ओपनिंग होगी. 6.15 से 7.15 बजे तक आम लोग ट्रेडिंग कर पाएंगे. इसके अलावा ब्लॉक डील विंडो 5.45 बजे ही खुल जाएगी. अगर किसी को ट्रेड में मोडिफिकेशन करना है तो यह 7.25 बजे होगी. मुहूर्त ट्रेडिंग का क्लोजिंग सेशन 7.25 से 7.35 बजे तक होगा.

क्या होती है मुहूर्त ट्रेडिंग
यह पारंपरिक प्रतीकात्मक ट्रेड होता है. यह एक शुभ दिन होता है और इस दिन निवेशक सौभाग्यशाली वर्ष की कामना के साथ कुछ देर की ट्रेडिंग करते हैं. यह आध्यात्मिकता का प्रतीक है. लोगों का मानना है कि इस शुभ घड़ी में अगर ट्रेडिंग की जाए तो आगे सालभर उन्हें सफलता और धन मिलता रहेगा. भारतीय शेयर मार्केट में यह परंपरा काफी समय से चल रही है.

क्यों की जाती है ट्रेडिंग
मुहूर्त ट्रेडिंग सिर्फ एक प्रतीकात्मक ट्रेडिंग होती है. इस दौरान शेयरों में पैसा सिर्फ अच्छे साल की कामना से लगाया जाता है. इसमें निवेशक बहुत ज्यादा खरीदारी नहीं करते लेकिन कुछ शेयरों में थोड़ा-बहुत निवेश करते हैं जिससे कि एक परंपरा को आगे बढ़ाया जा सके. इस दिन बहुत कम ही लोग शेयर बेचते हैं.

क्या आपको करनी चाहिए?
अगर आप ट्रेडिंग या निवेश की शुरुआत करना चाहते हैं तो इससे बेहतर समय शायद ही कोई मिले. जैसा कि हमने कहा कि मुहूर्त ट्रेडिंग के समय बहुत कम ही लोग शेयर बेचते हैं. अधिकांश लोग इस समय स्टॉक खरीदते ही हैं इसलिए बाजार में कुछ देर की तेजी रहती है. अगर कोई नया निवेशक अच्छी शुरुआत चाहें तो इस दौरान निवेश कर सकता है. पुराना निवेशक भी अच्छे रिटर्न के लिए इस समय पैसा लगा सकता है. कई निवेशक 1 घंटे में ही लाखों रुपये की कमाई कर लेते हैं.

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