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ऐपल में हुई पहली बार छंटनी, 600 कर्मचारियों की चली गई नौकरी

आईफोन बनाने वाली कंपनी ऐपल ने 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. कार और स्मार्टवॉच डिस्प्ले प्रोजेक्ट्स को बंद करने की घोषणा के बाद से ही कंपनी द्वारा कर्मचारियों की छंटनी किए जाने की आशंका जताई जा रही थी. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कैलिफोर्निया एंप्लॉयमेंट डेवलपमेंट डिपार्टमेंट को जमा की गई फाइलिंग्स से ऐपल द्वारा कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने का पता चला है. फरवरी के अंत में Apple ने दोनों प्रोजेक्ट्स को बंद करना शुरू किया था.

पिछले साल से टेक इंडस्ट्री में छंटनी का संकट छाया हुआ है. ट्विटर से लेकर गूगल, अमेजन, मेटा जैसी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर लोगों को नौकरी से निकाला है. अभी तक ऐपल ने कर्मचारियों को नौकरी से निकालने से परहेज किया था. कंपनी दूसरे तरीकों से लागत कम करने की कोशिश कर रही थी.

फाइलिंग में दी जानकारी
ऐपल का हेडक्वार्टर कैलिफोर्निया के कुपर्टिनो में है. स्‍थानीय नियमों के अनुसार, कंपनियों को छंटनी या कर्मचारियों को काम से निकालने के बारे में जानकारी देनी होती है. ऐपल ने वर्कर एडजस्टमेंट एंड रिट्रेनिंग नोटिफिकेशन के अनुपालन में आठ अलग-अलग फाइलिंग में कर्मचारियों की छंटनी के बारे में बताया. कैलिफोर्नियो के कानून के तहत यह अनुपालन जरूरी होता है. कंपनियों को हर उस कैलिफोर्निया एड्रेस के लिए राज्य एजेंसी को एक रिपोर्ट दर्ज करनी होती है, जिसमें छंटनी से प्रभावित कर्मचारी शामिल हैं.

फरवरी से प्रोजेक्‍ट्स बंद करने की हुई थी शुरुआत
ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 87 लोग नेक्स्ट जनरेशन स्क्रीन डेवलपमेंट के लिए एक सीक्रेट ऐपल फैसिलिटी से संबंधित पते पर काम कर रहे थे, जबकि अन्य कार प्रोजेक्ट से संबंधित इमारतों में थे. कैलिफोर्निया के सांताक्लारा में ऐपल के कार-संबंधित मुख्य कार्यालय से 371 कर्मचारियों को निकाल दिया गया. इसके अलावा कई दूसरे कार्यालयों में भी दर्जनों कर्मचारी छंटनी से प्रभावित हुए. Apple कार प्रोजेक्‍ट से जुड़े कुछ कर्मचारियों को अन्य टीम्स में समायोजित किया गया है.

शेयर की कीमत गिरी
ऐपल में छंटनी को टेक इंडस्‍ट्री के लिए शुभ संकेत नहीं माना जा रहा है. ऐपल की गिनती सिर्फ टेक इंडस्ट्री में ही नहीं बल्कि ओवरऑल दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में की जाती है. ऐपल का शेयर अमेरिकी बाजार में गुरुवार को 0.49 फीसदी लुढ़ककर 168.82 डॉलर पर रहा. कंपनी का मार्केट कैप 2.61 ट्रिलियन डॉलर था. इस वैल्यूएशन के साथ ऐपल सिर्फ माइक्रोसॉफ्ट से पीछे है और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी है.

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