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ईरान युद्ध के बीच भारत ने खोला चीन के लिए दरवाजा! इस फैसले का किसे होगा फायदा और कहां दिखेगा नुकसान

खासकर उन देशों के लिए जिनके साथ भारत अपनी सीमाएं साझा करता है.
केंद्रीय कैबिनेट ने एफडीआई नियमों में बदलाव के साथ ही कहा है कि ऐसे किसी भी देश को भारत में निवेश करते समय उसके लाभार्थी का मालिकाना हक और निवेश को अप्रूव करने की टाइमलाइन भी स्‍पष्‍ट कर दी है. खासकर जब ऐसा निवेश मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर में किया जा रहा हो. कैबिनेट ने यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में लिया गया है. एफडीआई नियमों में बदलाव करने का मकसद देश में विनिर्माण को बढ़ावा देना और व्‍यापार में आसानी लाना है. सरकार ने साफ कहा है कि इस एफडीआई से भारतीय स्‍टार्टअप और डीप टेक कंपनियों को ग्‍लोबल फंड पाने में आसानी होगी

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