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आज 5 घंटे जोमैटो-स्विगी से नहीं आएगा खाना, ओला-उबर कैब भी नहीं मिलेगी

: देशभर के गिग वर्कर्स ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ आज 16 मई को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक हड़ताल पर रहेंगे. लाखों डिलीवरी पार्टनर्स और कैब ड्राइवर्स ऐप्स से लॉग ऑफ कर स्‍ट्राइक पर रहेंगे. इससे स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट, जैपटो और ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों की सेवाएं प्रभावित होंगी.
गिग एवं प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) का कहना है कि ईंधन की बेकाबू कीमतों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए गिग वर्कर्स दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक प्रदर्शन करेंगे. इस दौरान सभी वर्कर्स अपने-अपने डिलीवरी और राइड-शेयरिंग ऐप्स को पूरी तरह बंद (लॉगआउट) रखेंगे.

डिलीवरी बॉय और ड्राइवर्स की हड़ताल का इन पर होगा ज्‍यादा असर
इस हड़ताल का फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और कैब सेवाओं पर ज्‍यादा असर होगा. Swiggy और Zomato की सेवाएं ठप रहने से खाना नहीं मिलेगा. Blinkit, Zepto जैसी कंपनियों की किराना और क्विक कॉमर्स सेवाएं प्रभावित होंगी तो ओला, उबर और रेपिडो की कैब सेवाएं भी बाधित होंगी. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में गिग वर्कर्स की हड़ताल का ज्‍यादा असर होगा.

देश में करीब सवा करोड़ गिग वर्कर्स
गिग एवं प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) का कहना है कि देश में करीब 1 करोड़ 20 लाख गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स हैं. इनमें फूड डिलीवरी, ग्रॉसरी डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और कैब सेवाओं से जुड़े लोग शामिल हैं. पेट्रोल-डीजल महंगा होने का सीधा असर इन वर्कर्स की कमाई पर पड़ता है, क्योंकि उन्हें अपनी जेब से पेट्रोल, गाड़ी की सर्विस और बाकी खर्च उठाने पड़ते हैं.

कम से कम ₹20 प्रति किलोमीटर मिले
यूनियन का कहना है कि ऐप बेस्‍ड डिलीवरी पार्टनर्स को न्यूनतम ₹20 प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान होना चाहिए ताकि ईंधन की बढ़ी लागत का बोझ कामगारों पर न पड़े. यूनियन का कहना है कि अगर कंपनियां और सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठातीं तो आंदोलन तेज और लंबा हो सकता है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है. इसकी मार गिग वर्कर्स खूब पड़ेगी क्‍योंकि वे ज्यादातर दोपहिया वाहनों का इस्‍तेमाल करते हैं.

गिग एवं प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन ने की है हड़ताल
गिग वर्कर हडताल : गिग एवं प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने कल अपील की थी कि पूरे भारत के गिग और प्लेटफ़ॉर्म वर्कर 16 मई, शनिवार को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक ईंधन की बढ़ती कीमतों और भुगतान की अपर्याप्त दरों के विरोध में ऐप-आधारित सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद रखें.

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